सीकर 25 फरवरी। खाटू मेला क्षेत्र में बाल श्रम एवं भिक्षावृत्ति की रोकथाम को लेकर बाल अधिकारिता विभाग की सहायक उपनिदेशक डॉक्टर गार्गी शर्मा के निर्देशन में बुधवार को बाल कल्याण समिति, सीकर एवं गायत्री सेवा संस्थान की संयुक्त टीम द्वारा विशेष जागरूकता एवं समझाइश अभियान चलाया गया।
टीम ने मेला क्षेत्र के विभिन्न होटल, ढाबों एवं दुकानों पर जाकर व्यापारियों को स्पष्ट रूप से बाल श्रमिक नहीं रखने तथा किसी भी प्रकार के बाल शोषण से दूर रहने की समझाइश दी। साथ ही यह भी निर्देशित किया गया कि यदि मेला क्षेत्र में कोई लावारिस बालक या बालिका दिखाई दे, तो उसकी सूचना तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर दी जाए, ताकि समय रहते बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इस दौरान बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अंकुर बहड़, समिति सदस्य बिहारीलाल बालन तथा गायत्री सेवा संस्थान से जिला समन्वयक नरेश कुमार सैनी, अभिषेक बगड़िया एवं मीना कुमारी मौजूद रहे।
टीम ने व्यापारियों को बताया कि बाल श्रम एवं भिक्षावृत्ति कानूनन अपराध है और इसके विरुद्ध सख्त कानूनी प्रावधान हैं। प्रशासन का उद्देश्य दंडात्मक कार्रवाई से अधिक जागरूकता और सहयोग के माध्यम से बाल संरक्षण को सुनिश्चित करना है।
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अंकुर बहड़ ने कहा कि खाटू मेला जैसे विशाल आयोजन में बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। बाल श्रम या भिक्षावृत्ति किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। सभी व्यापारी और नागरिक बाल संरक्षण में प्रशासन का सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत 1098 पर सूचना दें ।
विदित रहे बाल कल्याण समिति की न्याय पीठ वर्तमान में मेला क्षेत्र में ही स्थापित कर रखी है बालको से संबंधित सभी निर्णय मेला क्षेत्र में ही लिए जा रहे हैं।
समिति सदस्य बिहारीलाल बालन ने कहा कि समाज की सजगता ही बच्चों की सुरक्षा की सबसे बड़ी ताकत है। यदि हम सभी मिलकर सतर्क रहें, तो किसी भी बच्चे का शोषण रोका जा सकता है। हमारा उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।



